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Domain Authority & Page Authority क्या है और इसे कैसे इंप्रूव करे

Domain Authority & Page Authority क्या है और इसे कैसे इंप्रूव करे।

क्या आप भी अपने साइट के बेहतर प्रदर्शन न कर पाने के वजह से परेशान है?

अगर हां।

तो इसमें कोई नई बात नहीं हैं।

मानाकि आप काफी मेहनती है और पूरे ध्यान से अपने ब्लॉग में रेगुलर पोस्ट पब्लिश करते रहते है।

पर आपके मेहनत के अनुसार फायदा नहीं मिलता है, तो आपको कुछ इंपॉर्टेंट बातों पर तत्काल ध्यान देना होगा।

इसी बातों में से एक है: डोमेन ऑथोरिटी और पेज ऑथोरिटी।

लेकिन आगे बढ़ने से पहले आपको पता होना चाहिए कि यह आखिर क्या होता है और किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट से इसका क्या सम्बन्ध है।

दरअसल सर्च इंजन में कोई पेज कैसे रैंक करेगा, यह बहुत से फैक्टर्स पर निर्भर करता है।

गूगल भी खुद का एल्गोरिथम इस्तेमाल करता है किसी पोस्ट को रैंक करने के लिए और इसका नाम पेजरैंक है।

हालांकि गूगल ने 2016 में इसे पेज रैंक को हटा दिया है।

पर कुछ ट्वीट में इस बात के भी संकेत मिलते है गूगल का यह पेज रैंक अभी भी काम कर रहा है।

अब आते है असल मुद्दे में।

दरअसल गूगल के तरह ही और भी वेब टूल कंपनी खुद की भी मीट्रिक प्रोवाइड करती है।

डोमेन और पेज ऑथोरिटी क्या है

डोमेन और पेज ऑथोरिटी भी दो मीट्रिक है, जिसे MOZ कंपनी ने बनाया है।

यह किसी साइट को 0-100 के बीच स्कोरिंग करता है।

कोई साइट सर्च पेज में कितना बेहतर परफॉर्म करेगा, यह इसके डोमेन ऑथोरिटी खासकर पेज ऑथोरिटी पर निर्भर करता है।

अगर किसी साइट का DA =20 है, तो यह DA=10 वाले डोमेन से अच्छा परफॉर्म करेगा और ऑर्गेनिक ट्रैफिक भी इसमें ज्यादा आने की संभावना है।

हालांकि Moz साइट के इस मीट्रिक को गूगल या बिंग जैसे सर्च साइट फॉलो नहीं करते है क्योंकि इसका खुद का ही एल्गोरिथम यानि मीट्रिक है।

लेकिन गूगल DA सिग्नल का इस्तेमाल भी कुछ कुछ काम के लिए करता है, जो John Mueller के ट्वीट से साफ नजर आता है।

जहाँ तक बात डोमेन ऑथोरिटी और पेज ऑथोरिटी के डिफरेंस का है, तो इसमें ज्यादा डिफरेंस नहीं है।

Domain Authority जहाँ किसी स्पेसिफिक डोमेन बेस्ड फैक्टर्स को कैलकुलेट करके निकाला जाता है, वहीं Page Authority इंडिविजुअल पेज के फैक्टर्स को कैलकुलेटर किया जाता है।

हालांकि दोनों को इंप्रूव करने के लिए एक ही तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।

Domain Authority और Page Authority कैसे चेक करे

वैसे तो इन्टरनेट में बहुत सारे टूल्स मौजूद है, जिनके इस्तेमाल से आप दोनों चेक कर सकते है।

MOZ

यह इसका ऑफिसियल वेबसाईट है, जो DA चेक करने के लिए सबसे रिलायबल है।

हालांकि इस साइट के किसी भी सर्विस को इस्तेमाल करने के लिए रजिस्ट्रेशन करना बहुत ज़रूरी है।

इसके अलावा फ्री यूजर एक महीने में बस 10 साइट को ही चेक कर सकते है।

इस पर किसी वेबसाइट के ऑथोरिटी को चेक करने के लिए नीचे दिए गए लिंक को विजिट कर सकते है।

Moz Link Explorer

यहां पर मैंने Example.com को सर्च किया है जिसका DA=92 है।

इसके अलावा अगर आपको पेज ऑथोरिटी भी चेक करना है, तो पेज को थोड़ा नीचे के तरफ स्क्रॉल करना होगा,

इसके बाद Top pages on this site पर विभिन्न पेजों का पेज ऑथोरिटी देख सकते है।

यहां पर www.example.com का पेज ऑथोरिटी 79, जो सबसे ज्यादा है और सबसे कम example.com/pmwiki/pub का 66 है।

इसके अलावा आप CheckPageRank और WebsiteSeoChecker का भी इस्तेमाल इस काम के लिए कर सकते हैं।

वैसे आपके जानकारी बता दूं कि गूगल पेजरैंक, मोज ऑथोरिटी के अलावा भी Ahrefs का Domain Rating (DR), Page Rating (PR) और Majestic का Trust Flow (CF), Citation Flow (CF) भी मौजूद है।

Domain Authority और Page Authority की जरूरत

अक्सर ऐसा देखा गया है जिस साइट का ऑथोरिटी ज्यादा होता है, उसे ज्यादा बैकलिंक मिलता है।

आपको पता होना चाहिए जिस बैकलिंक का प्रोफाइल अच्छा होता है, वो अपने से जुड़े वेबसाईट को ऑर्गेनिक ट्रैफिक बढ़ाने में बहुत मदद करता है।

इसके अलावा ज्यादा ऑथोरिटी वाला वेबसाईट सबसे ज्यादा गेस्ट पोस्ट के लिए भी रिक्वेस्ट पाता है और इसका भी ऑथोरिटी बढ़ने लगता है।

Domain Authority & Page Authority कैसे बढ़ाए

किसी भी ब्लॉग या साईट के ऑथोरिटी को एक रात या एक सप्ताह में बढ़ाया नहीं जा सकता है।

गूगल जैसे सर्च इंजन नए साइट को सेंडबॉक्स में डाल देते है, जिसके वजह नया साइट जल्दी से ऑर्गेनिक ट्रैफिक नहीं पाता है और इसी वजह से इसका ऑथोरिटी भी नहीं बढ़ता है।

गूगल संडबॉक्स एक अलगोरिथम है, जो नए साइट को तुरंत ट्रैफिक पाने से रोकता है, क्योंकि नया साइट रिलायबल नहीं होता है।

हालांकि में संदबॉक्स से इस्तेफाक नहीं रखता, पर कुछ एक्सपर्ट इस एल्गोरिथम के होने का दावा करते है।

ख़ैर इस ऑथोरिटी को कैसे बढ़ाया जाए, इसके बारे में कुछ टिप्स शेयर कर रहा है।

डोमेन नेम और ऐज

ब्लॉगिंग के दौरान सबसे ज्यादा जिस टिप की जरुरत है, वह है समय।

बिना समय के आप ब्लॉगिंग का स्वाद चख नहीं सकते है।

यही वजह है किसी वेबसाइट के ऑथोरिटी को बढ़ने में काफी ज्यादा समय लगता है।

अगर आप लगातार ब्लॉगिंग कर रहे है, तो शुरुआत में डोमेन और पेज ऑथोरिटी तेजी से बढ़ता है, पर जैसे-जैसे बढ़ता वैसे डिफिकल्ट होते जाता है।

जैसे अगर किसी वेबसाइट डोमेन ऑथोरिटी एक साल में 10 होता है, तो इसे 20 करने में और ज्यादा समय और मेहनत करना पड़ता है।

अमूमन DA=30 करने में आपको 3-4 साल का समय लग सकता है और DA=50 करने में 7-8 साल का समय।

इसके अलावा डोमेन ऐज पर निर्भर करता है और कुछ एक्सपर्ट का कहना है,

पर John Mueller के ट्वीट से,

इस बात का पता चल जाता है कि ओल्डर डोमेन किसी साइट को इंप्रूव नहीं कर सकता।

पेज लोडिंग स्पीड

किसी भी साइट के लिए पेज लोडिंग टाईम बहुत मायने रखता है।

अगर आपका कोई पेज स्लो लोड होता है, तो यह बहुत बुरा हो सकता है।

Yoast रिपोर्ट के अनुसार जो वेबसाइट का लोडिंग टाईम 1s-3s के बीच होता है, तो उसका बाउंस रेट 32% बढ़ जाता है और 3s-5s के बीच रहने पर बाउंस रेट 90% बढ़ जाता है।

इसके अलावा पेज स्पीड मोबाईल के लिए एक रैंकिंग फैक्टर भी है।

हालांकि यह डेस्कटॉप के लिए अभी नहीं है, पर भविष्य में इसमें भी अपडेट होने की संभावना है।

पेज लोडिंग टाईम को कम करने के लिए हमेशा कम साइज वाला JPEG इमेज ही चुने और हो सके तो बेहतर होस्टिंग का ही चुनाव करे।

रेगुलर पोस्ट पब्लिश

नए साइट को इंटरनेट में इंप्रूव करने के लिए आपको रेगुलर नया पोस्ट पब्लिश करना चाहिए।

कुछ दिन पहले लॉन्च लिए गए ब्लॉग पर कोई भी टिकना पसंद नहीं करते है और ना ही कोई सब्सक्राइबर भी होता है।

इसकी सबसे बड़ा वजह है कंटेंट की कमी।

इसलिए आपको चाहिए एक्स्ट्रा मेहनत करके अपने नए ब्लॉग का रोजाना ब्लॉग पोस्ट लिखना और यही आपको नए यूजर से जुड़ने में मदद कर सकता है।

अगर आप सामान्य ज्ञान जैसे टॉपिक पर पोस्ट लिखते है, तो कोशिश करके रोजाना 1-2 पोस्ट पब्लिश करे, इससे आपके ब्लॉग में तेजी से विजिटर बढ़ने का संभावना है।

अक्सर ऐसा देखा गया है कि जिस ब्लॉग पर लगातार ब्लॉग पब्लिश होता है, उसका ऑथोरिटी बहुत तेजी से बढ़ता है।

उदाहरण के लिए ज्ञानिपंडित रोजाना 3-4 ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करता है और इसी वजह से अभी इसका डोमेन ऑथोरिटी 70 है।

ब्लॉग पोस्ट लेंथ

हालांकि गूगल जैसे सर्च इंजिन के लिए ब्लॉग का लेंथ(लंबाई) को रैंकिंग फैक्टर नहीं है।

लेकिन Buffer के अनुसार आइडियल लेंथ 1600 वर्डस का माना गया है।

वैसे फोटोज बेस्ड पोस्ट का लेंथ 1000 वर्डस सही है, लेकिन टेक्स्ट बेस्ड का 1600 वर्डस।

इसके अलावा Ahrefs के अनुसार 750 वर्डस का पोस्ट टॉप पेज में रैंक करता है और Backlinko के अनुसार 1890 वर्डस का पोस्ट टॉप में रैंक करता है।

इसके अलावा लंबा पोस्ट में इंफॉर्मेशन ज्यादा क्लियर होता है और इसी वजह से यूजर इस तरह के पोस्ट को ज्यादा पढ़ना और शेयर करना पसंद करता है।

RichBlog के अलावा मैंने सितंबर, 2019 में BroodHome ब्लॉग बनाया था और इस ब्लॉग का डोमेन ऑथोरिटी पांच महीने में ही 10 पहुंच गया था।

इसका सबसे बड़ा वजह यह था इसमें सभी पोस्ट हजार वर्डस से ज्यादा का था और बहुत से पोस्ट का संख्या तो 3000 वर्डस से ऊपर का था।

ओवरऑल लंबा डिस्क्रिप्टिव पोस्ट सर्च पेज में बेहतर तरीके से परफॉर्म करता है।

बैकलिंक बनाना

हाई ऑथोरिटी वेबसाइट से बैकलिंक प्राप्त करना भी बेहद जरूरी है।

इससे नए साइट का ट्रैफिक और ऑथोरिटी बहुत तेजी से बढ़ने लगता है।

बैकलिंक बनाने के लिए आप ईमेल आउटरीच और गेस्ट पोस्ट का सहारा ले सकते है।

Conclusions

आज का पोस्ट आपको कैसे लगा मुझे कॉमेंट करके जरुर बताए।

इसके अलावा सोशल साइट में भी जरुर शेयर करके मुझे मदद करे।💌💌💌💌💌

अंत में इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपको शुक्रिया।

Keep Reading 🤗🤗🤗🤗🤗🤗

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