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How to Choose Right Web Hosting Plan in 2020

Web hosting plan in 2020

होस्टिंग? होस्टिंग? होस्टिंग?

ये आपको क्या लग रहा है किसी नेता या राजनीति पार्टी का कोई नारा है।

अगर आप ऐसा सोच रहे है, बिलकुल गलत सोच रहे है।

दरअसल मैं बात कर रहा हूँ होस्टिंग का और गलत होस्टिंग ले लेने से आपका वही हाल हो सकता है, जिस तरह से एक गंदे मछली के वजह से पूरा तालाब खराब हो सकता है।

गंदे मछली से मेरा मतलब है, अगर अपने पोस्ट में ज्यादा रिसर्च करते है और उसे लिखने में भी इसी तरह का मेहनत किया जाता है, पर कम स्टोरेज के वजह से आपका साईट देर से लोड होता है, तो ये आपके लिए बहुत बुरा साबित हो सकता है।

क्योंकि गूगल और बाकि सर्च इंजन साईट के लिए भी स्पीड रैंकिंग फैक्टर है।

तो यहाँ में उन सब चीजों के बारे में बताना चाहूंगा, जो गलत होस्टिंग साईट चुनने से आपको बचाएगा।

Web Hosting Company

तो सबसे पहले यह जानने का प्रयास करें, आप जिस वेब होस्टिंग साईट के साथ मिलकर अपने ब्लॉग का करियर स्टार्ट करने जा रहा है, वह सही है भी या नहीं।

सबसे पहले तो फ्री साईट वाले को साइड ही कर दे, क्योंकि दूर का ढ़ोल सुहाना होता है।

पहले तो यह आपको फ्री सर्विस ऑफर करेगा और जब ब्लॉग चल पड़ेगा, तब यानि वसूली करने में भी नहीं पीछे रहेगा। जब आपके ब्लॉग में ट्रैफिक बढ़ जाएगा और पेज लोडिंग स्पीड कम होने लगेगा और इसके कई वजह हो सकते है, जैसे बैंडविथ लिमिट, कम स्टोरेज।

और इसी वजह से आपको जब स्टोरेज बढ़ाने के लिए या फिर होस्टिंग कंपनी चेंज करने की जरूरत पड़ेगी, तब इस तरह के कंपनी आपके सामने कुछ शर्त रख सकते है और आपको चल चुके ब्लॉग या साईट को बचाने के लिए समझौता करना ही पड़ेगा।

इस तरह के परेशानी आपके सामने आए, इससे पहले ही इसका इलाज करें। हमेशा उस साईट को ही चुने जो भरोसेमंद हो और काफ़ी लोग इस तरह के होस्टिंग कंपनी पर खुद का वेबसाइट या ब्लॉग चला रहे हो।

और इसके लिए:

  1. कंपनी किस वर्ष बनी है इसपर ध्यान देना जरुरी है। Godaddy, Bluehost, Hostgator इस क्षेत्र में नामी कंपनी है। WPBeginners जैसे वेबसाइट होस्टगैटोर पर सालों से चल रही है।
  2. यूट्यूब चैनल और किसी ब्लॉग में जाकर उसके बारे में जानने का प्रयास करें।
  3. सटीक जानकारी के लिए ऑफिसियल वेबसाइट को जरूर विजिट करें और इसके विकी पेज को भी पढ़ने का प्रयास करें।

Plan

होस्टिंग लेने से पहले प्लान जरूर देख ले कि वह आपके लिए मुफीद होगा अथवा नहीं।

सबसे पहले तो, यह दिसाइड कर ले आप ब्लॉग स्टार्ट कर रहे है कि नहीं और जब आप इनस्योर हो जाये कि आप डेफेनिटली इसे शुरू कर रहे है, तो

प्लान हमेशा लॉन्ग टर्म के लिए चुने जैसे तीन साल, चार साल के लिए। मंथली प्लान बहुत महँगा साबित हो सकता है और यह आपको ब्लॉगिंग के करियर दूर कर सकता है।

लम्बा प्लान लेने से चार्ज कम देना पड़ेगा और आगे जाकर ज़ब इसे रिन्यूएबल करने कि भी जरुरत होगी, तो इसे कम चार्ज में ही अपग्रेड करने का प्लान आपको मिलेगा।

और इस प्लान के अंदर इस तरह के कुछ फीचर्स होने चाहिए:

Domain Name

डोमेन इंटरनेट में एक एड्रेस होता है, जो रीडेबल होता है। मतलब इसे आप याद कर सकते है, हालांकि किसी साईट को आईपी एड्रेस से भी खोल सकते है।

होस्टिंग प्लान के अंदर कोई डोमेन फ्री मिले तो, बहुत अच्छा रहेगा क्योंकि indivisually डोमेन महँगा होता है।

Storage

किसी भी नार्मल ब्लॉग के लिए मेरे हिसाब से कम-से-कम 10GB इंटरनल स्टोरेज और 500MB RAM जरूर होना चाहिए।

इससे कम होने से आप ज्यादा पोस्ट नहीं लिख पाएंगे और जल्द ही इसे अपग्रेड करने कि जरूरत पड़ जाएगी।

ऐसा देखा गया है कई वेबसाइट कोड़ी के भाव में होस्टिंग प्रोवाइड करने लगती है और इंटरनल स्टोरेज होता है सिर्फ 1GB, जो किसी भी ब्लॉग के लिए किसी भी नजरिए से कहीं भी सही नहीं है।

चलिए, इसको एक उदाहरण से समझने का प्रयास करते है।

माना आपने वर्डप्रेस का 1GB इंटरनल स्टोरेज वाला प्लान पुरे चार सालों के लिए लिया है, अगले छह महीने बाद ही आपको नया पोस्ट लिखने के लिए स्टोरेज खाली नहीं रहता है।

अब इस स्थिति में अपना सिर पकड़ने कि जरूरत आपको पड़ सकती है, यह क्या कर लिया।

यहाँ आपको ज्यादा स्टोरेज वाला प्लान लेना पड़ सकता और इस तरह से आपका पहले चार सालों वाला प्लान ओवरराइड हो जाएगा या फिर आपको दूसरा होस्टिंग कम्पनी को हायर करने कि जरूरत पड़ सकती और यहाँ आप बुरे फंस सकते है।

क्योंकि बहुत से कंपनी कंटेंट एक कंपनी से दूसरे कंपनी ट्रांसफर करने को allow नहीं करती है और अगर करती भी है, तो इसके एवज में बड़ा पेमेंट देना पड़ सकता है।

Bandwidth

यहाँ पर बैंडविड्थ से मतलब है, एक महीने में कितना विजिटर आपके ब्लॉग को विजिट कर सकता है। यह कहीं लिमिट भी हो सकता है और अनलिमिटेड भी।

हालांकि मुझे अनलिमिटेड वाले बैंडविड्थ पर हमेशा शंका होता है।

जैसे किसी होस्टिंग साईट ने एक महीने में 50,000 विज़िटर्स लिमिट किया है, तो इससे ज्यादा संख्या बढ़ने पर बाकि विज़िटर्स को ऑफलाइन कर देगा।

इस लिए हमेशा ज्यादा बैंडविड्थ वाले प्लान को कंसीडर करें, जैसे 1,00,000 या 2,00,000।

SSL(Secure Socket Layer)

आपने कई बार किसी ब्लॉग के यूरल के पीछे एक ताला लगा देखा होगा, जो अमूमन लाइट ग्रे या ग्रीन कलर का होता है।

किसी साईट के सिक्योरिटी के साथ उसे एक्सेस करने के लिए बहुत जरुरी होता है और इसके बिना साईट को नार्मल तरीके से नहीं खोला जा सकता है।

यहाँ इसे अभी ज्यादा समझना जरुरी नहीं है, बस होस्टिंग लेते समय इसका होना जरुरी समझें।

ज्यादातर साईट cloudfare ऑफर करते है, इस काम के लिए।

Backup

दिन-रात मेहनत करके पोस्ट लिख कर उसे पब्लिश करते है, लेकिन एक दिन आप गलती करते है और आपका सारा पोस्ट्स हट जाता है।

तो क्या इससे आप पर कोई फर्क पड़ेगा या फिर आप दोबारा लिखेंगे।

चलिए इसे एक एक्साम्प्ल के द्वारा समझने का प्रयास करते है।

पिछले एक साल से आप एक ब्लॉग पर लगातार आर्टिकल लिख रहे है और इस तरह से यहाँ पर टोटल 100 से ज्यादा पोस्ट को आपने पब्लिश किया है और हर पोस्ट 1000 वर्ड्स के लगभग का है।

तो इस तरह एक साल में आपने 1, 000 x 100 =1,00,000 वर्ड्स अपने ब्लॉग में लिखा है।

एक दिन आप महसूस करते है कि बेकार के empty database और टेम्पररी फाइल्स के वजह से ब्लॉग का लोडिंग स्पीड बहुत कम हो गया है।

इसके समाधान के लिए वर्डप्रेस में एक प्लग इन इनस्टॉल करते है, जो empty database को पूरी तरह से हटा देता है, इसे आप चलाते है और पूरा-का-पूरा ब्लॉग डिलीट हो जाता है और आप अपना सिर कीबोर्ड पर दे मारते है।

अगर आपने प्लान के समय ही डेली बैकअप प्लान लिया होता, तो बिना किसी ताम-झाम के पूरा-का-पूरा ब्लॉग रिकवर कर सकते थे।

इतना प्रवचन का सीधा मतलब है, हर महीने ₹30-₹50 खर्च करें और रोज बैकअप आटोमेटिक सेव करें।

Server Location

वैसे यह बहुत डीप टॉपिक है, पर यहाँ बस इतना जानना जरुरी है, आपके ब्लॉग का डाटा जहाँ (देश या शहर) में स्टोर हो रहा है, वह अगर यूजर के नजदीक रहा, तो पेज लोडिंग स्पीड अच्छा काम करेगा।

जैसे अगर आप आर्टिकल हिंदी भाषा में लिखते है, तो इस तरह आपका टारगेट हिंदी भाषी देश भारत ही होगा क्योंकि दुनियाभर में सबसे ज्यादा हिंदी इसी देश में बोला जाता है।

अब यहाँ पॉइंट समझने का प्रयास करें। जैसे न्यू दिल्ली का कोई विजिटर अगर किसी ऐसे ब्लॉग को विजिट कर रहा है, जिसका सर्वर लोकेशन न्यू दिल्ली में ही है, तो वह कुछ ही देर में ब्लॉग एक्सेस कर सकता है।

वहीं दूसरी तरफ ऐसे सर्वर जिसका लोकेशन अमेरिका में है, उसे पेज एक्सेस करने में बहुत टाइम लगेगा।

यहाँ डाटा सेंटर लोडिंग स्पीड पर प्रभाव डालता है।

Team Supports

कई होस्टिंग कम्पनिया 24×365 सपोर्ट करने का दावा करता है, क्योंकि यह बहुत जरुरी है।

आप हमेशा उसी साईट को होस्टिंग केिये चुना जिनका टीम सपोर्ट बहुत अच्छा हो, क्योंकि इसे बिना किसी ब्लॉग या वेबसाइट को एरर फ्री चलाते रहना लगभग असंभव है।

कई बार ऐसा होता है, आपके साईट में बहुत से प्रोब्लेम्स आने लगते है और सही तरह से काम करना बंद कर देता है।

इसके समाधान के लिए सपोर्ट टीम को कॉन्टैक्ट करने पर बहुत देर से या फिर आनाकानी करता है।

कई बार सपोर्ट टीम तो किसी तरह का कोई रिस्पांस देता है नहीं और ऐसा फर्जी होस्टिंग कंपनी के वजह से होता है।

आज के समय Hostinger, Bluehost, DreamHost, GoDaddy, NameCheap जैसे नामी होस्टिंग कंपनी है, जो अपने बेहतरीन सपोर्ट सिस्टम के वजह से काफ़ी पॉपुलर है और हर नया या पुराना ब्लॉगर इस पर ही अकाउंट बनाना पसंद करता है।

Additional Features

इसके अलावा कई साईट आपको ऊपर दिए गए फीचर्स के अलावा जेटपैक(फ्री और प्रीमियम), वूकॉमर्स(फ्री और प्रीमियम), प्रीमियम थीम, प्रीमियम SEO Yoast, साईट माइग्रेशन, साईट ट्रांसफर, ईमेल होस्टिंग जैसे प्लगइन्स का भी ऑफर देते है।

Last Points

तो यह था कुछ इंस्ट्रक्शन जिसकी सहायता से अच्छे और रिलाएबल होस्टिंग प्लान लेने में मदद कर सकता है।

इस पोस्ट को पढ़ने के लिए धन्यवाद।

 

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