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खुद के ब्लॉग पर अपना पहला पोस्ट कैसे लिखे

पोस्ट लिखना, एडिट करना और उसे पब्लिश करना ब्लॉगिंग का बहुत बड़ा हिस्सा है, और शायद साधारण शब्दों में इसे ही ब्लॉग्गिंग कहते है, पर टेक्निकली इसमें बहुत कुछ होता है, जिसके छूट जाने के कारण आपका अच्छा पोस्ट भी किसी काम का नहीं रह जाता है।

तो आज के इस पोस्ट में बताने जा रहा हूँ कि कैसे एक अच्छा पोस्ट लिखें जो रीडर्स को पसंद आने के साथ ही सर्च इंजन के लिए भी सही हो।

बहुत से लोगों का अपना राय है, कोई कहता है पोस्ट सर्च इंजन फ्रेंडली होना चाहिए और कोई कहता है रीडर्स फ्रेंडली।

पर सच तो यह है आपको पोस्ट पाठक के लिए ही लिखना चाहिए सर्च इंजन को ध्यान में रखते हुए।

अब यहाँ हम केस स्टडी को समझते है।

Case1: एक आदमी हर दिन 2 पोस्ट पब्लिश करता है और ये सिलसिला तक़रीबन सालों से आ रहा है, पर इससे कोई खास फायदा नहीं मिल रहा है। पोस्ट तो दूर की बात है, ब्लॉग URL भी किसी सर्च इंजन में नहीं शो करता है।

इसका क्या वजह हो सकता है।

जवाब बहुत सीधा है, उस पर्सन से अपना डोमेन किसी भी सर्च इंजन मे सबमिट किया ही नहीं है, तो दिखाएगा कैसे।

Case 2: एक और आदमी है, जिसे अपना ब्लॉग बनाए हुए साल भर भी नहीं हुआ है, पर उसका ज्यादातर पोस्ट सर्च करने के बाद टॉप 10 में दिखाने लगता है।

अब इसका भी क्या वजह होगा?

यहाँ पर भी वजह सिंपल है, वह अपना पोस्ट को सही तरीके से सारे फैक्टर को ध्यान में रखते हुए लिखता था और उसका सोशल मीडिया इंगेजमेंट भी अच्छा था।

तो किसी भी ब्लॉग के रैंकिंग के लिए किस तरह के फैक्टर्स पर ध्यान देना चाहिए ताकि पहला पोस्ट जल्दी से सर्च पेज दिखा सके।

तो यहाँ किसी पोस्ट के टॉप से लेकर बॉटम तक चर्चा करने का बेहतर प्रयास करेंगे।

Title

सिर्फ पोस्ट लिखना काफ़ी नहीं होता है, इसके लिए पोस्ट के हर portion पर काफ़ी ध्यान देना होता है, ताकि वह यूजर के साथ-साथ सर्च पेज के लिए भी सही साबित हो।

तो किसी पोस्ट का जो मुख्य पोरशन होता है, वह है टाइटल यानि शीर्षक, जिसे H1 भी कहते है।

टाइटल सेट करते समय बहुत से चीजों का ख्याल रखना पड़ता, ताकि यह अट्रैक्टिव लगे और कोई भी विजिटर टाइटल को ही पढ़कर पेज खोलना पसंद करें।

Do

  1. टाइटल लिखते समय हमेशा यह ध्यान रखे कि यह आपके कंटेंट से मैच करना चाहिए। मतलब अगर पोस्ट कंटेंट अगर गाय पर लिखा जा रहा है, तो टाइटल में भैंस यूज़ ना करें, क्योंकि इससे कंटेंट रेलेवेंसी (एक जैसा) नहीं रह जाता है।
  2. इसमें कम-से-कम एक कीवर्ड(सर्च टर्म) का जरूर इस्तेमाल करें।
  3. इसमें एक पावर वर्ड (इमोशनल वर्ड) का भी जरूर इस्तेमाल कर सकते है।
  4. इसका लेंथ सही रखे, किसी किताब या फ़िल्म के तरह A lone ranger लिख कर काम ना चलाए। इसे 60 करैक्टर के अंदर ही रखे तो बेहतर होगा।
  5. टाइटल और कंटेंट का लैंग्वेज एक जैसा रखे, मेरे तरह टाइटल इंग्लिश में ना लिखें।

Do Not

  1. पोस्ट टाइटल को पूरा कैपिटल में ना रखे, लम्बा होने के वजह से यह तीन-चार लाइन जगह कैप्चर करेगा और इस वजह से भद्दा दिखाई देगा।
  2. ना सभी को लोअर केस में भी ना लिखें।
  3. इसमें किसी तरह का स्टीकर या इमोजी इस्तेमाल करना बेकार है।
  4. टाइटल फॉण्ट को हमेशा इस तरह रखे ताकि बिना दिमाग़ के इस्तेमाल के भीम आसानी से पढ़ा जा सके, टेढ़े-मेढ़े स्टाइलिश फॉण्ट, जिसे पढ़ना मुश्किल हो, उसे ना ही रखे तो बेहतर होगा।

Contents

टाइटल के बाद नंबर आता है कंटेंट का, इसमें बहुत से फैक्टर्स होते है, जो इसे बेहतर बनाने का प्रयास करते है।

इसमें शामिल होते है सब-हैडिंग, पैराग्राफ, मीडिया फाइल्स, ट्वीट,लिंक्स जिसे मैं अपने तरह से बताने का बेहतर प्रयास करूँगा, ताकि आप अपने पोस्ट पर और ज्यादा मेहनत करके इम्प्रूव कर सके।

Paragraphs

तो पैराग्राफ किसी भी आर्टिकल या पोस्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, किसी भी सब्जेक्ट के बारे में डिटेल्स जानकारी यही पर मिलता है।

पैराग्राफ का साइज हमेशा इस तरह रखे कि कोई भी विसिटिर इसे आसानी से पढ़ सके।

आज के समय किसी ब्लॉग को डेस्कटॉप या कंप्यूटर से ज्यादा मोबाइल पर पढ़ना पसंद करते है, इसलिए पैराग्राफ का साइज इस तरह से रखे ताकि यह मोबाइल पर सही तरह से पढ़ा जा सके।

अक्सर ऐसा देखा गया है कई ब्लॉगर एक ही पैराग्राफ को हद से ज्यादा बढ़ा देते है, जिस वजह से यह देखने बिलकुल भी अच्छा होता है और इस तरह के पोस्ट को पढ़ना यूजर बिलकुल भी पसंद नहीं करते है।

नोट: एक पैराग्राफ में पांच-छह लाइन से ज्यादा लिखने का प्रयास ना करें, अगर फॉण्ट साइज काफ़ी ज्यादा बड़ा हो।

इस तरह अगर पैराग्राफ लम्बा खिंचा जा रहा है, तो इसे जरूरत के अनुसार ज्यादा पैराग्राफ में तोड़ दे, इस तरह से पोस्ट ज्यादा अट्रैक्टिव लगेगा दिखने में।

Do

  1. पैराग्राफ साइज एक सामान रखे, कहीं छोटा या कहीं बड़ा साइज होने से पोस्ट का स्टैंडर्ड खत्म हो जाता है, और यूजर ऐसा ब्लॉग पोस्ट पढ़ना पसंद नहीं करते है।
  2. फॉण्ट कलर बैकग्राउंड से बिलकुल अलग रखे, जैसे बैक अगर वाइट है, तो फॉण्ट ब्लैक या डार्क कलर का ही रखे।
  3. हर पैराग्राफ के बीच सामान दूरी पर वाइट स्पेस होना चाहिए, कहीं ज्यादा कहीं कम ठीक नहीं रहता है।
  4. किसी खास शब्द में जोर देने के लिए उसे बोल्ड क़र दे।
  5. किसी भी पैराग्राफ को इमेज/वीडियो में सटाकर बिलकुल ना रखे, इसके बीच में वाइट स्पेस का जरुरत इस्तेमाल करें।

Sub – Heading

अगर आप छोटे-छोटे पोस्ट लिखते है, जो 100-150 वर्ड्स से ज्यादा का न हो, तो वहां पैराग्राफ के बीच वाइट स्पेस से काम चल सकता है।

पर अगर पोस्ट दो या तीन हजार वर्ड्स या कसे ज्यादा का हुआ, तो यहाँ वाइट स्पेस किसी काम ना रह जाता है।

इसके लिए आपको किसी और मेथड का इस्तेमाल करना होगा।

तो यहाँ आपको सब – हैडिंग (H2-H6) का इस्तेमाल करना होगा।

दरअसल सब हैडिंग का इस्तेमाल बड़े-बड़े पोस्ट को अट्रैक्टिव बनाने में होता है, ताकि वह आपके पोस्ट को बड़े चाव से पढ़ सके।

अक्सर बड़े पोस्ट को कई भाग में तोड़कर, उसे हैडिंग लगा कर पढ़ने लायक बना देते है।

हैडिंग हमेशा सही लेंथ में होना चाहिए और पैराग्राफ के फॉण्ट साइज से बड़ा होना चाहिए।

इसके अलावा सब हैडिंग को अट्रैक्टिव बनाने के लिए इसका बैकग्राउंड भी चेंज कर सकते है है फिर css का इस्तेमाल करके और भी एनीमेशन ऐड कर सकते है।

Media Files

आपने अच्छे से पैराग्राफ को स्ट्रक्चर्ड कर लिया और हैडिंग भी डाल लिया, पर इतना काफ़ी नहीं है।

किसी भी पोस्ट में कोई मीडिया फ़ाइल इमेज या वीडियो का न होने, पोस्ट ना होने के बराबर ही है।

वह जमाना गया जब सिर्फ लोग टेक्स्ट ही पढ़कर खुश हो जाते है, अगर आप अपने पोस्ट में एक भी मीडिया फ़ाइल का इस्तेमाल नहीं करते है, तो यकीन मानिए कोई भी आपके पोस्ट को पढ़ना नहीं पसंद करेगा, जिसमे खुद शामिल हूँ।

दरअसल इमेज फ़ाइल को पोस्ट में जोड़ना ना सिर्फ ट्रेड है, बल्कि जरूरत भी। शब्द हर चीज को बयां नहीं कर सकता है, कई बार दूसरे संसाधन का भी इस्तेमाल करना होता है।

कहावत भी है:

” एक तस्वीर लाखों बातें बयां करती है”

दरअसल इमेज किसी पोस्ट को समझने में खासी मदद करती है, खासकर अगर niche (ब्लॉग टॉपिक्स) आपका टेक्नोलॉजी से जुडा हो, तो आपको कई बार स्टेप्स को इमेज के माध्यम से ही समझाना जरुरी हो जाता है।

Do

  1. मीडिया फ़ाइल का साइज कम रखे इससे पेज जल्दी लोडिंग होता है, पर क्वालिटी सही होना चाहिए वरना पोस्ट का अट्रैक्शन खराब हो जाएगा।
  2. आजकल इमेज के jpg फॉर्मट के जगह gif फॉर्मेट चलता है, इससे किसी पोस्ट को पढ़ना और भी रोचक लगता है।
  3. वीडियो फ़ाइल को डायरेक्ट अपने पोस्ट में ना जोड़े वरना स्टोरेज जल्दी खत्म हो जाएगा, इसके लिए आपको यूट्यूब चैनल बना सकते है और उसका वीडियो लिंक का इस्तेमाल करके वीडियो दिखा सकते है।
  4. जरूरत से ज्यादा इमेज या वीडियो का ना इस्तेमाल करें।
  5. सभी मीडिया फ़ाइल का एलाइनमेंट एक जैसा ही रखे और साथ ही साइज भी।
  6. कॉपीराइट इमेज का इस्तेमाल करने से बचे, किसी फ्री सोर्स का इस्तेमाल करें या खुद का मीडिया फ़ाइल फोटोशॉप या किसी और ग्राफ़िक सॉफ्टवेयर के मदद से तैयार करें।

इसके अलावा आप अपने पोस्ट कंटेंट में ट्वीट,फेसबुक फीड भी जोड़ सकते है और हाँ (इंटरनल, एक्सटर्नल) बैकलिंक का जरुर इस्तेमाल करें।

Last Points

तो आज का पोस्ट आपको कैसा लगा हमें जरुरत कमैंट्स के माध्यम से बताये और मेरे ब्लॉगर को जरुर सब्सक्राइब कर ले, नहीं तो जरुरी पोस्ट आपके हाथ से छूट सकता है।

और लास्ट में सपोर्ट 🙋‍♀️ के लिए धन्यवाद 🤣🤣🤣

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