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Invalid Traffic or Click क्या है और इसके क्या नुकसान है, इसके कितने टाईप है और इसे कैसे कम करें

क्या आप भी Invalid Traffic or Click के वजह से परेशान रहते है।

अगर हां?

इसमें कोई नई बात नहीं है।

दुनियाभर में 30.2% प्रतिशत फर्जी ट्रैफिक या क्लिक चीन देश के तरफ से 2018 में हुआ है और इसके वजह से एडवरटाइजर को भारी नुकसान हुआ होगा।

और यही आगे चलकर पब्लिशर्स के लिए भी मुसीबत खड़ा करता है।

दरअसल कोई भी एडवरटाइजर अपने किसी प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करने के लिए एड्स सर्विंग कंपनी (गूगल एड्स और माइक्रोसॉफ्ट एड्स) पर अपना एड्स लगाता है और इसके बदले एड्स साइट कंपनी चार्ज भी करता है।

चार्ज देने के बाद यह एड्स ऑनलाइन हो जाता है और ब्लॉग या यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर दिखने भी लगता है।

यहां पर जब भी कोई विजिटर्स इस तरह के एड्स पर क्लिक करता है, तो साईट पब्लिशर्स या यूट्यूब चैनल क्रिएटर को इसका पैसा मिलता है।

पर यहां पर सबसे ज्यादा गौर करने वाला बात है कोई भी एडवरटाइजमेंट करने वाला का उद्देश्य प्रोडक्ट का प्रचार करके प्रोडक्ट बेचना होता है।

अगर बहुत से लोग ने इस तरह के एड्स पर क्लिक किया तो है पर प्रोडक्ट नहीं खरीदा है, तो इससे एडवरटाइजर को भारी नुकसान होता है और यह सब फर्जी क्लिक करने के वजह से होता है।

फर्जी ट्रैफिक या क्लिक

ऐसा व्यक्ति या सॉफ्टवेयर जिसका उद्देश्य सिर्फ पब्लिशर्स को फायदा पहुंचाना और इसके लिए किसी भी तरह से एड्स पर क्लिक करना या करवाना फर्जी ट्रैफिक या क्लिक कहलाता है।

Invalid traffic includes any clicks or impressions that may artificially inflate an advertiser’s costs or a publisher’s earnings.

Google Guidelines

अक्सर बहुत से साइट ऑनर जल्दी से कमाई करने के लिए अवैध तरीकों पर काम करता है, ताकि जल्दी से कमाई हो सके।

जैसे: खुद के एड्स पर क्लिक करना या किसी और से ऐसा करने के लिए कहना।

चलिए इसे एक उदाहरण से समझने का बेहतर प्रयास करते है।

एक आदमी जो प्रोडक्ट्स ऑनलाइन बेचने का काम करता है, वह गूगल में एड्स लगाता है और इस एड्स के लिए वह गूगल को $500 महीने के चार्ज देता है और चाहता है इससे ज्यादा प्रोडक्ट सेल होगा।

पर कुछ आदमी उसके एड्स को बेवजह क्लिक करता है, बिना मतलब का और इससे उसका $5 का भी प्रॉडक्ट्स सेल नहीं होता है।

इस तरह के स्टंट के वजह से एडवरटाइजर का कॉस्ट बढ़ जाता है, जो किसी के लिए बिल्कुल भी मुफीद नहीं है। इसके अलावा इस तरह के एक्टिविटी से एड्स कंपनी का इमेज भी खराब होता है और पब्लिशर्स का अकाउंट भी सस्पेंड हो जाता है।

इसके अलावा कई बार गूगल जैसे कंपनी किसी पब्लिशर्स के पहले से कमाई गए मनी को विड्रॉ करने से रोक देता है और इसे वापस एडवरटाइजर को सेंड कर देता है।

फर्जी ट्रैफिक या क्लिक के प्रकार

वैसे ऑनलाइन बहुत सारे तरीके अभी मौजूद है, जिनसे फर्जी तरीके से ट्राफिक हासिल किया जाता है और क्लिक भी करता है।

हालांकि फर्जी क्लिक को डिटेक्ट करना आसान है अथवा नहीं इसके आधार पर फर्जी ट्रैफिक को दो भागों में बांटा गया है।

  1. General Invalid Traffic (GIVT)
  2. Sophisticated Invalid Traffic (SIVT)

General Invalid Traffic (GIVT)

इसमें वैसे ट्रैफिक या क्लिक के सोर्स को शामिल किया जाता है, जिससे डिटेक्ट करना लगभग आसान होता है।

इसके लिए एल्गोरिथम या सॉफ्टवेयर बोट का इस्तेमाल करते है। इस तरह के बोट लगातार किसी स्पेसिफिक साईट को विजिट करता है या क्लिक करते रहता है।

किसी साइट को लगातार हर 5-5 मिनट में विजिट करना किसी आदमी के बस की बात नहीं है, इसे कोई प्रोग्राम ही कर सकता है।

इसका पता किसी टारगेट आईपी को स्कैन कर किया जाता है कि किस डिवाइस से लगातार साईट को विजिट किया जा रहा है और इसके बाद उस टारगेट साईट से एड्स को टेंपररी या परमानेंट रुप से बंद कर दिया जाता है।

Sophisticated Invalid Traffic (SIVT)

इसमें वैसे ट्रैफिक सोर्सेस को शामिल किया जाता है, जिसे डिटेक्ट करना आसान नहीं है आखिर अमूमन ट्रैफिक सही है या गलत।

माना कि गूगल या बिंग जैसे साइट का सिस्टम बहुत एडवांस्ड है, पर फर्जी क्लिक के लिए ऐसे-ऐसे तरीके का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके पहचान करने में बड़े बड़े सॉफ्टवेयर भी फ़ैल हो जाता है।

  1. खुद के साईट को किसी और के सिस्टम में खोलकर एड्स पर क्लिक करना।
  2. अपने रिश्तेदार या दोस्तों को एड्स पर क्लिक क्लिक करने के लिए कहना।
  3. किसी सर्विस साइट का इस्तेमाल क्लिक करने के लिए हायर करना।

फर्जी ट्रैफिक को कम करना

फर्जी ट्रैफिक को बिल्कुल कम या 0 करना आसान नहीं है, पर कुछ टूल्स या तरीकों का इस्तेमाल करके इस आसानी से काम किया जा सकता है और खुद के साइट को सिक्योर किया जा सकता है।

  1. खुद के एड पर क्लिक करने या करवाने से बचे।
  2. खुद के साइट का एडमिन पैनल किसी को भी एक्सेस करने न दे।
  3. सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर को जरूर इंस्टॉल करें और इसे हमेशा अपडेटेड रखें।
  4. किसी खास यूजर के लिए एड्स की विजिबिलिटी को बंद कर दे।
  5. स्पाम रिफेरेर साईट को ब्लॉक कर दे।

Conclusions

तो यह था फर्जी ट्रैफिक या क्लिक क्या है और इसके कितने टाइप्स भी है और इसके अलावा इसे कैसे कम करें।

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अब अंत में आज का यह पोस्ट आपको कैसे लगा हमे कॉमेंट करके जरुर बताने का प्रयास करे।

इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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